sdo sdm mein antar / SDO और SDM में क्या अंतर होता है? 

sdo और sdm में अंतर UPSC (CSE) 2021 के लिए महत्वपूर्ण: SDO और SDM में क्या अंतर होता है? 

sdo sdm mein antar  दोस्तों आपने एसडीओ और एसडीएम का नाम तो जरूर सुना होगा और आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि इन दोनों में क्या अंतर होता है और इन दोनों के क्या काम होते हैं अगर आप जानना चाहते हैं इन दोनों में क्या अंतर होता है और इन दोनों में कौन बड़ा होता है एसडीओ बड़ा होता है या यह एसडीएम बड़ा होता है और इनके क्या काम होते हैं यह हमारे लिए जरूरी होते हैं या नहीं होते अगर आप इन सब के बारे में जानना चाहते हैं तो किस आर्टिकल में लास्ट तक बने रहें क्योंकि हम हमारे इस आर्टिकल में आपको इन सब के बारे में विस्तार से बताएंगे

 

sdo कौन होता है

sdo की बात की जाए तो एसडीओ को हम सब डिवीजन ऑफिसर के नाम से भी जानते हैं और इसे इंग्लिश में एसडीओ कहते हैं तथा हिंदी में इसी को सबडिवीजन ऑफिसर कहते हैं और यह आपको हर विभाग में मिलेंगे आपको बिजली विभाग में भी देखने को मिलेंगे इसके अलावा पुलिस डिपार्टमेंट के सभी विभागों में एसडीओ होता है और हर जिले के हर डिपार्टमेंट में आपको एक एसडीओ देखने को मिलता है इनका काम होता है कि राज्य में राज्य में कई जिले में विभाजित किया गया है उन जिलों को काम को विस्तार रूप देना और इस जिले की व्यवस्था को विस्तारित करना और जिले के सुचारू रूप से चलाने में सब डिवीजन ऑफिस आदि यानी कि एसडीओ की काफी बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होती है एसडीओ के प्रमुख काम की बात की जाए तो इनका प्रमुख काम होता है कि बिजली क्षेत्र में कार्य करना और पंचायत क्षेत्र को मजबूती से उनका विकास करवाना और ग्रामीण क्षेत्रों के बारे में विकास करना एसडीओ के प्रमुख कार्य होते हैं

एसडीओ का फुल फॉर्म क्या होता है

SUB DIVISION OFFICER उप -विभागीय अधिकारी

SDO बनने के लिए योग्यता

  • sdo  बनने के लिए योग्यता की बात की जाए तो सबसे पहले योगिता होती है कि इसमें आपकी उम्र कम से कम 21 वर्ष और ज्यादा से ज्यादा 30 वर्ष होनी चाहिए आपको ओबीसी एससी और एसटी कैटेगरी में आपको इसमें 3 से 5 साल की उम्र की छूट देखने को मिलती है
  •  इसके अलावा एसडीओ की रिक्वायरमेंट में दूसरा आता है ग्रेजुएशन आप किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त कॉलेज से आपने स्नातक की डिग्री प्राप्त की हो

 एसडीओ की सैलरी

अगर एसडीओ की सैलरी की बात की जाए तो यह आपको हर राज्य में अलग-अलग देखने को मिलती है उत्तर प्रदेश में इन्हें ₹57000 सैलरी मिलती है जबकि मध्यप्रदेश में इन्हें ₹70000 के आसपास सैलरी दी जाती है

sdm कौन होता है

एसडीएम की बात की जाए तो एसडीएम को हम सब डिवीजन मजिस्ट्रेट के नाम से भी जानते हैं और इन्हें हर राज्य के प्रत्येक जिले में इनकी नियुक्ति की जाती है और इनके द्वारा ही सब डिवीजन की व्यवस्था देखी जाती है एस डी एम के कार्य की बात की जाए तो एसडीएम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वह डिवीजन की देखरेख करें और और जितने भी जमीनी मामले हैं उन सब के निपटारे का कार्य भी एसडीएम के पास ही होता है sdm कोई आईएएस अधिकारी बनता है तो उससे किसी भी जिले में सब डिवीजन स्तर पर अधिकारी के बाद ही उसे एसडीएम बनाया जाता है या कहेंगे कि एसडीएम के बाद ही कोई भी व्यक्ति डीएम बनता है एसडीएम डीएम से छोटा होता है

sdm बनने के लिए योग्यताएं

  •  एसडीएम बनने हेतु सर्वप्रथम योग्यता आती है कि एसडीएम बनने के लिए आवेदन करता  किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की हो
  • आयु सीमा की बात की जाए तो इसमें आयु कम से काम 30 वर्ष है और जायदा से जायदा आपकी सामान्य वर्ग के लिए इसमें ज्यादा से ज्यादा आयु 40 वर्ष है और एससी एसटी और ओबीसी के लिए इसमें 45 वर्ष आयु सीमा निर्धारित की गई है वहीं पीडब्ल्यूडी के लिए इसमें 55 वर्ष आयु सीमा निर्धारित की गई है
  •  आवेदन कर्ता भारत का नागरिक होना चाहिए और उस पर किसी भी प्रकार का कोई आपराधिक मुकदमा नहीं चल रहा हो

 एस डी एम के कार्य 

  •  sdm के कार्य की बात की जाए तो एसडीएम के पास जिले की  भूमि का जितना भी लेखा-जोखा होता है वह एसडीएम के द्वारा ही की जाती है
  •  एसडीएम के पास ही अपने उपकरण में आने वाले सभी तहसीलदारों के ऊपर प्रत्यक्ष रुप से नियंत्रण होता है
  •  इसके अलावा एसडीएम के पास विवाह रजिस्ट्रेशन अनेक प्रकार के लाइसेंस जारी करना नवीनीकरण करवाना बाढ़ भूकंप उगलन शीतलहर अग्निकांड ओलावृष्टि बादल फटने अतिवृष्टि से प्रभावित व्यक्तियों को समय-समय पर सहायता प्रदान करना यह कार्य  गवर्नमेंट ने एसडीएम को दिए हैं

 एसडीएम की सैलरी

एसडीएम की सैलरी की बात की जाए तो इन्हें ₹56000 सैलरी पर मंथ दी जाती है और यह हर राज्य में आपको इनकी सैलरी में थोड़ा कम ज्यादा देखने को मिलता है इसलिए आज इनकी मिनिमम में सैलरी ₹56000 ही है

SDO और SDM में क्या अंतर है?

  1.  एसडीओ को हम उप-भागीय अधिकारी कहकर भी बुलाते हैं जबकि एसडीएम को हम उप प्रभागीय न्यायाधीश के नाम से जानते हैं
  2.  एसडीएम की बात की जाए तो एसडीएम आपको एक जिले में कई मिलेंगे क्योंकि यह हर डिपार्टमेंट में अलग-अलग होते हैं लेकिन एसडीएम की बात की जाए तो एसडीएम सब डिवीजन में नियुक्त किया जाता है जो कि एक आईएएस ऑफिसर होता है और यह 1 जिले में एक ही होता है
  3.  एसडीएम की शक्ति की बात करें तो एसडीएम भूमि राजस्व संहिता की शक्ति का उपयोग कर सकता है वहीं एसडीएम के पास सीआरपीसी की शक्ति होती है और इसका उपयोग कर सकता है समय आने पर
  4.  एसडीओ तहसीलदार के प्रमुख होते हैं एसडीएम की बात की जाए तो एसडीएम राजस्व निरीक्षक और पटवारी तहसीलदार और राजस्व कर्मचारियों के लिए प्रमुख होते हैं जो क्षेत्र स्तर की गतिविधियों और उत्परिवर्तन में शामिल हैं

sdo sdm mein antar आर्टिकल कैसा लगा 

दोस्तों हमने हमारे इस आर्टिकल sdo sdm mein antar में आपको एसडीओ और एसडीएम के बारे में विस्तार से बताया है और  उनकी शक्तियों के बारे में सब कुछ बताया है अगर आपको हमारे द्वारा लिखा आर्टिकल अच्छा लगता है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमें कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको हमारे द्वारा लिखा आर्टिकल कैसा लगा धन्यवाद

1 thought on “sdo sdm mein antar / SDO और SDM में क्या अंतर होता है? ”

Leave a Comment